4 जनवरी 2022

बाजार का विश्लेषण

क्या जनवरी का प्रभाव स्टॉक बाज़ार की छुट्टियों में रंग जमाएगा?

वैश्विक स्टॉक बाज़ार के लिए 2021 ने बेहतरीन वर्ष के तौर पर सही मायने में अपनी जगह बना ली है। और बेहतरीन प्रदर्शन के बाद, वॉल स्ट्रीट अब भी तेजड़िया बाज़ार के इतिहास में सबसे बड़े और सबसे लंबे तेजड़िया बाज़ार के दौर से गुज़र रहा है। 

कोविड की अनिश्चितता के चलते, स्टॉक सभी पूर्वानुमानों को कुचलते हुए अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गए, क्योंकि कम ब्याज दरों और प्रोत्साहन में दिए गए करोड़ों डॉलर ने अर्थव्यवस्था को उबरने में सहारा दिया। 

दिसंबर में क्रिसमस का सांता क्लॉज़ निवेशकों के लिए और भी ढेरों सौगातें लेकर आया। महीने के अंत तक, S&P 500 27% ऊपर था, Nasdaq करीब 22% ऊपर था और Dow 19% की बढ़त हासिल कर चुका था, जिसके कारण सबसे सुरक्षित निवेश होने के बावजूद इन्होंने बहुत बड़े मुनाफ़े दिए। 

जहाँ तक अल्पकाल का सवाल है, स्टॉक बाज़ार अब एक और संभावित तेज़ी की प्रतीक्षा कर रहा है, जिसके लिए जनवरी प्रभाव का शुक्रिया, जिसमें नए साल के जोश और सकारात्मक नज़रिए के चलते स्टॉक की कीमतें बढ़ने लगती हैं। 

इसलिए, 2021 में स्टॉक बाज़ार के बेहतरीन प्रदर्शन के चलते, क्या बाज़ार के प्रतिभागियों को यह अपेक्षा करनी चाहिए कि जनवरी का प्रभाव इस सकारात्मक दौर को थोड़ा और बढ़ाएगा और 2022 में कुछ दिनों तक स्टॉक में तेज़ी को बनाए रखेगा?

जनवरी का प्रभाव क्या है?

संक्षेप में, जनवरी का प्रभाव स्टॉक कीमतों में आए मौसमी उछाल को कहते हैं, जिसे जनवरी की शुरुआत में देखा जाता है। 

जैसा कि पहले बताया है, वर्ष के ख़त्म होने के जोश के कारण जनवरी में स्टॉक बाज़ार में उछाल आता है। एक और कारक जो जनवरी के प्रभाव के सिद्धांत को समर्थन देता है, वह है ख़ासतौर पर स्मॉल कैप स्टॉक में नए स्तरों का प्रवेश। 

निवेशक और CEO, वर्ष के अंत से पहले नकद निकालने की कोशिश करते हैं, ताकि मुनाफ़े वाले ट्रेड पर लगने वाले पूँजीगत लाभ के कर से बचा जा सके और अपने पोर्टफ़ोलियो को ऐसे कमज़ोर स्टॉक्स में लगाया जा सके, जिनमें तेज़ी आने की संभावना अच्छी हो। 

लाभ कमाने के इस अवसर से डिप अवसर सामने आते हैं, जिसमें निवेशक बहुत कम कीमतों पर स्टॉक खरीदकर बाज़ार में प्रवेश कर सकते हैं। 

और आने वाली ब्याज दरों की वृद्धि को देखते हुए, यह बेहतर ही है कि इससे पहले कि मुनाफ़े पर कर देना पड़े, उसे अभी निकाल लिया जाए।

हालाँकि, यह ध्यान देना ज़रूरी है कि जनवरी प्रभाव सचमुच एक असली घटना है, फिर भी 2021 स्टॉक बाज़ार के लिए एक अप्रत्याशित साल रहा और हो सकता है कि इस घटना का प्रभाव हल्का हो या पूरी तरह दब जाए। 

क्या यह केवल यूएस स्टॉक्स को ही प्रभावित करता है?

यूएस स्टॉक बाज़ार में किसी भी बड़े उतार-चढ़ाव के कारण दूसरे बाज़ारों की दिशा निश्चित रूप से प्रभावित होगी, खासतौर पर ऐसा तब होगा, जब अन्य बाज़ार बंद हों और यूएस ट्रेडिंग सेशन में उतार-चढ़ाव दिखाई दें। 

जनवरी में पिछले पाँच सालों के दौरान प्रमुख यूएस इंडेक्स के प्रदर्शन को देखते हुए, जनवरी का प्रभाव लगभग निरंतर दिखाई देता है, हालाँकि इसका समय थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।

2017 में, Nasdaq इंडेक्स और S&P 500 ने 23 जनवरी तक क्रमशः 3.2% और 0.7% की बढ़त हासिल की थी। अगले साल के लाभ और ज़्यादा दिखाई दिए थे, जिसमें 22 जनवरी, 2018 तक Nasdaq ने 5.5% की बढ़त हासिल की, तो वहीं S&P 500 में 4.7% की तेज़ी आई जिसके बाद गिरावट का सिलसिला चालू हो गया। जनवरी प्रभाव का सिद्धांत अगले तीन सालों के लिए भी सही साबित हुआ, जिसमें 2019, 2020 और 2021 की मध्य जनवरी में दोनों इंडेक्स में 2% तक की तेज़ी देखी गई।

तो, क्या 2022 में जनवरी प्रभाव दिखेगा?

पहले दिए गए ऐतिहासिक डेटा के आधार पर और यूएस स्टॉक बाज़ार के हालिया प्रदर्शन के बाद, इस बात की अच्छी संभावना है कि जनवरी प्रभाव 2022 में भी दिखाई देगा।

इसका एक और इंडिकेटर है क्रिसमस की सौगात, जो जनवरी प्रभाव के ठीक पहले आता है।

यहाँ इस बात पर ध्यान देना ज़रूरी है कि ऐतिहासिक डेटा मंदड़िया दौर दिखा रहा है, इसलिए अगर इस साल जनवरी प्रभाव दिखता भी है, तो यह थोड़े समय का हो सकता है। अधिकतर सुर्खियॉं फ़ेड पर ध्यान देंगी और महामारी में आई किसी भी तेज़ी से बाज़ार का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। 

फिर भी, यह देखना बहुत रोचक होगा कि जब निवेशक संभावित बेहतरीन प्रदर्शन वाले स्टॉक तलाश रहे होंगे, तो इस अवधि में छोटे स्टॉक कैसा प्रदर्शन करते हैं। 

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