10 दिसम्बर 2021

बाजार का विश्लेषण

साप्ताहिक विश्लेषण: USDCAD, GBPJPY और BTCUSD

कोरोनावायरस महामारी का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा है और जीवित स्मृति में किसी भी प्रकार के इवेंट की तुलना में वित्तीय बाजारों को अधिक प्रभावित किया है। और इसने दुनिया भर के नीति निर्माताओं के लिए बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इस लेख में, हम महामारी के आर्थिक नतीजों पर ध्यान देंगे और उन मूलभूत ताकतों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिन्होंने वित्तीय बाजारों में अस्थिरता को बढ़ाया है।

ब्याज मूल्य में कटौती

जैसे-जैसे कोरोनावायरस के मामले बढ़ते गए, वित्तीय बाजारों में गिरावट आई। जवाब में, केंद्रीय बैंकों ने दुनिया भर में ब्याज मूल्य में कमी दर्ज की और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने 1.9 ट्रिलियन डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। आदर्श रूप से, ब्याज मूल्य में कटौती से अधिक उधारी को बढ़ावा मिलना चाहिए, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले और वित्तीय बाजारों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। हालांकि, इन कटौतीयों का असर कम रहा है।

बाजार की धारणा

वित्तीय बाजारों के प्रदर्शन को निर्धारित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक निवेशक धारणा है। एक अध्ययन से पता चला है कि जब महामारी के अपेक्षित प्रभाव की बात आती है तो धारणा आम तौर पर नकारात्मक थी। इसका परिणाम वित्तीय बाजारों का खराब प्रदर्शन रहा है। महामारी शुरू होने के बाद से यह नकारात्मक धारणा प्रबल हुई है। एक अच्छा उदाहरण, नए ओमिक्रॉन वर्जन का खुलासा है। इसकी घोषणा के तुरंत बाद, वित्तीय बाजारों में गिरावट आई और S&P 500 2.3% कम पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक इंडेक्स 2.2% गिर गया। यूरोपीय शेयर बाजार भी 3%-5% गिर गए।

आपूर्ति और मांग की कमी

कोविड-19 ने वैश्विक स्तर पर आपूर्ति बाधाओं को जन्म दिया है। अमेरिका में, इन बाधाओं का अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति बाधाएं हैं। नतीजतन, अमरीकी डालर ने पिछले दो दशकों में सबसे खराब मुद्रास्फीति का अनुभव किया है, जो सभी उम्मीदों से अलग है। अक्टूबर 2021 में, अमेरिकी मुद्रास्फीति दर बढ़कर 6.2% हो गई

ब्लैक स्वान सिद्धांत

ब्लैक स्वान सिद्धांत कहता है कि अचानक और अनियोजित घटनाओं का वित्तीय बाजारों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जो निश्चित रूप से कोविड-19 महामारी पर भी लागू होता है। आर्थिक गिरावट ने विश्व स्तर पर स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी प्रभाव डाला है और अर्थव्यवस्था के पूरे क्षेत्रों जैसे यात्रा और पर्यटन को बंद करने के लिए मजबूर किया है। ब्लैक स्वान इवेंट के रूप में, महामारी ने बाजारों में वाइल्ड स्विंग्स का कारण बना दिया है क्योंकि निवेशक अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने और सुरक्षित-संपत्ति की तरफ भागने के लिए दौड़ पड़े हैं। महामारी के संबद्ध प्रभावों ने सभी वित्तीय परिसंपत्ति वर्गों में बेतहाशा उतार-चढ़ाव को जन्म दिया है, जिससे समग्र मंदी आई है। सामान्य तौर पर, निवेशक उन परिसंपत्तियों पर अधिक मूल्य रखते हैं जो अतिरिक्त जोखिम के साथ आने वाले उच्च रिटर्न का पीछा करने की बजाय उनके नकारात्मक जोखिम को सीमित करते हैं। इस प्रकार, वे उच्च संभावित लाभ प्रदान करने वाले विकल्प के बावजूद न्यूनतम जोखिम वाले सुरक्षित विकल्प चुनने की अधिक संभावना रखते हैं। वित्तीय बाजारों में निवेशकों के लिए, यह कोरोनोवायरस महामारी पर बाजार की गतिविधियों और ट्रेंड की दिशा को समझाने में मदद कर सकता है।


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